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परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 108 महंत ब्रिजमोहन दास जी महाराज की पावन स्मृति में विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं भंडारा सम्पन्

विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो

परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 108 महंत ब्रिजमोहन दास जी महाराज की पावन स्मृति में विIMG 20260502 WA0053 1 IMG 20260502 WA0055 1 IMG 20260502 WA0052 1 IMG 20260502 WA00541 1शाल श्रद्धांजलि सभा एवं भंडारा सम्पन्

हरिद्वार  पावन तीर्थ क्षेत्र श्यामपुर कांगड़ी, गली नंबर 6 स्थित महाविरक्त लोहा लंगड़ी आश्रम में परम पूज्य, प्रातःस्मरणीय श्री श्री 108 महंत ब्रिजमोहन दास जी महाराज के साकेतवास के उपरांत उनकी 17वीं के पावन अवसर पर एक विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। यह अवसर अत्यंत भावुक, आध्यात्मिक एवं श्रद्धा से परिपूर्ण रहा, जहाँ संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने गुरुदेव को अश्रुपूरित नयनों से श्रद्धासुमन अर्पित किए। सम्पूर्ण आश्रम परिसर गुरुदेव की स्मृतियों, भजन-कीर्तन और गुरु महिमा के गुणगान से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।इस अवसर पर पधारे संत-महापुरुषों ने अपने श्रीमुख से गुरुदेव की महिमा, उनके तप, त्याग,साधनाऔरलोककल्याणकारी जीवन पर प्रकाश डालते हुए ऐसे पावन वचन कहे, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह के हृदय को गहराई तक स्पर्श किया।

महंत सरजु दास जी महाराज ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु केवल देह नहीं, बल्कि वह दिव्य चेतना हैं जो अपने शिष्यों के जीवन को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है। उनके भावपूर्ण और ओजस्वी वचनों ने सभी को भावविभोर कर दिया।महंत सरयू दास त्यागी जी महाराज ने अपने श्रीमुख से कहा कि गुरुदेव का जीवन त्याग, तपस्या और सेवा का अनुपम उदाहरण था। उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु अपने जीवन से ही शिक्षा देता है और गुरुदेव ब्रिजमोहन दास जी महाराज ने यही करके दिखाया। उनके पावन विचारों ने श्रद्धालुओं के हृदय में गुरु भक्ति की भावना को और प्रगाढ़ किया।गुरु श्री रामसेवक उछाली आश्रम के श्रीमहंत विष्णु दास जी महाराज ने संत महापुरुषों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संत समाज इस धरती पर ईश्वर के प्रतिनिधि स्वरूप होते हैं, जिनका जीवन मानवता के कल्याण के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने गुरुदेव के आध्यात्मिक व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए लोकहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।महंत नारायण दास पटवारी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरुदेव का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण था। उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।महामंडलेश्वर गर्भ गिरि जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि संत कभी जाते नहीं, वे अपने विचारों, संस्कारों और आशीर्वाद के रूप में सदैव अपने भक्तों के बीच जीवित रहते हैं। गुरुदेव का सान्निध्य और उनके उपदेश सदैव भक्तों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ीसंख्यामेंसंत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के बताए मार्ग—धर्म, सेवा, साधना और मानव कल्याण—पर चलने का संकल्प लिया।पूरे आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि गुरुदेव श्री श्री 108 महंत ब्रिजमोहन दास जी महाराज केवल एक संत नहीं, बल्कि युगपुरुष थे, जिनकी स्मृतियाँ और शिक्षाएँ सदैव समाज को प्रेरणा देती रहेंगी। उनकी पावन स्मृति को समर्पित यह श्रद्धांजलि सभा सभी के हृदय में अमिट छाप छोड़ गई। इस अवसर पर महंत मोहन सिंह महाराज महंत राघवेंद्र दास महाराज महंत विष्णु दास महाराज महंत प्रमोद दास महाराज पंजाबी बाबा महंत रजनी गिरी महाराज महंत प्रेमानंद महाराज महंत भरत मुनि महाराज महंत सीता रामदास महाराज स्वामी सरयू दास महंत राम किशोर दास महाराज स्वामी कन्हैया दास महाराज स्वामी बालक दास महाराज नारायण दास पटवारी महाराज बाबा हठ योगी महाराज महंत बलराम दास महाराज महंत रामदास महाराज स्वामी प्रमोद दास महाराज महंतनागा बाबा गजेंद्र गिरी महाराज महंत कृष्ण स्वरूप महाराज महंत वीरेंद्र स्वरूप महंत वीरेंद्रानंदसहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे

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